हम मदीने जाते जाते जाते रह गये- माजिद सलमानी की पत्नी बेटा बहू उमराह को रवाना।

मुंबई
उत्तर प्रदेश ज़िला बदायूं के ईदगाह रोड बिसौली निवासी माजिद सलमानी के पुत्र मोहसिन अली अपनी पत्नी व माँ के साथ अपने मुंबई स्थित निवास से बीते दो अप्रैल को उमराह को रवाना हुए। मोहसिन अली की अपने माँ बाप और पत्नी के साथ जाने का प्लान बनाए हुए थे। महीनों पहले से तय्यारी चल रही थी दिल में ख़ाना ए काबा और गुम्बदे खज़रा के नज़ारों को आँखों में समाने की आरजूएँ पल रही थीं। लेकिन बार बार पासपोर्ट जारी होने में कोई न कोई अड़चन आती रही और उनके पिता माजिद अली का पासपोर्ट न बन सका। आख़िर में तय हुआ कि जिनकी तय्यारी हो चुकी है वो जायें। और मोहसिन ने वहीं से अपनी माँ और पत्नी के टिकिट जारी करा लिये और अपनी माँ को बिसौली से बंबई बुला लिया। पिता माजिद अली उनकी फ्लाइट उड़ जाने के बाद बिसौली वापस आ गये हैं। उनसे मिल के लगा कि जैसे उनके दिल का दर्द उनकी समा चुका है और आँखें मानो चीख चीख कर कह रही हों …
सब गये सू ए मदीना इस बरस
हम मदीने जाते जाते रह गये।




