फर्जी फर्म बनाकर 32.70 लाख रुपये की जीएसटी चोरी, मुकदमा दर्ज
बिजनौर। जीएसटी चोरी के एक बड़े मामले में राज्य कर विभाग ने फर्जी फर्म बनाने वाले आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जांच में खुलासा हुआ कि रिकॉर्ड में फर्म पंजीकृत कराकर करीब 32 लाख 70 हजार रुपये की जीएसटी चोरी की गई, जबकि मौके पर फर्म का कोई अस्तित्व ही नहीं मिला।
राज्य कर अधिकारी राजेश जोशी ने शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि पंजाबी कॉलोनी शांतिकुंज रोड, नई बस्ती बिजनौर पते पर एमएम इंटरप्राइजेज नाम की फर्म केंद्रीय जीएसटी में पंजीकृत कराई गई थी। इस फर्म का स्वामी अरुण कुमार निवासी सिरसा खुर्द, सीतापुर रोड, लहरपुर, जिला सीतापुर बताया गया है। पंजीकरण के समय उसने व्यापार स्थल के प्रमाण के रूप में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का बिजली बिल लगाया, जिसमें नीचे बिजनौर के बिजली अधिकारी का पदनाम दर्ज था।
रिकॉर्ड के अनुसार, फर्म का पंजीकरण 13 जून को किया गया था। जून और जुलाई माह में फर्म का व्यापार शून्य दिखाया गया, जबकि अगस्त में एक करोड़ इक्यासी लाख रुपये की बिक्री दर्शाते हुए 14 व्यापारियों को माल बेचा जाना दर्ज किया गया। इतना ही नहीं, उस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) भी दाखिल की गई, जिससे विभाग को लगभग 32 लाख 70 हजार रुपये का राजस्व नुकसान पहुंचाया गया।
जब विभागीय टीम ने सितंबर माह में मौके पर जाकर मुआयना किया, तो वहां किसी प्रकार की फर्म या व्यापारिक गतिविधि नहीं मिली। पड़ोसियों ने भी बताया कि उस पते पर कभी कोई व्यापार नहीं हुआ। जांच में यह फर्म कागज़ों पर चलती हुई पाई गई, जिसके बाद विभाग ने शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया।
शहर कोतवाल धर्मेंद्र सोलंकी ने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और जांच की जा रही है।
