
सिरसी
माँ बाप की अच्छी सोच और घर का माहौल बच्चो की जिंदगी का पहला स्कूल होता है। अच्छी तरबियत देना हर माँ बाप का फ़र्ज़ होता है इसी तरबियत का नमूना है एक 7 साल के मासूम बच्चे ने कुरान ए करीम के 30 पारो को केवल 7महीने 19दिन मे मुकम्मल किया।जिससे घर मे खुशी का माहौल है।डॉक्टर इफ्तेखार अहमद कुरैशी का छोटा बेटा अब्दुर्रहमान डिवाइन पब्लिक स्कूल मे कक्षा 1का छात्र है।स्कूल से आने बाद घर पर अपनी बहन से कुरान पडता है।अल्हम्दुलिल्लाह उसने अपनी मेहनत और लगन से कुरान के 30 पारो को 7महीने 19दिन मे रमजान मुबारक के पहले अशरे मे मुकम्मल किया।आस पास और घर वालो मे खुशी का इजहार किया और बच्चे को दुआए दी हम अपने बच्चो को कुरान की तालीम के साथ अशरी तालीम भी जरूर दिलवाए और हुनर भी सिखाए। अल्लाह इस बच्चे का मुस्तकबिल रौशन करे। याद रखिए तालीम के बगैर इन्सान अन्धा है।इसलिए बाबा-ऐ-कुरैश भैया रशीदुद्दीन कुरैशी ने नारा दिया था।आधी रोटी खाएंगे बच्चो को पडाएगे। आज जरूरत है।तालीम को आम करने की अच्छे कल के लिए आज तालीम का चिराग जलाना होगा।



