
बिसौली – नगर में स्मार्ट मीटर और बिजली बिलिंग को लेकर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने उठाई गंभीर आपत्तियाँ, मुख्यमंत्री से की शिकायत
गौरतलब है कि बिसौली उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश ने प्रदेश में बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट/प्रीपेड मीटरों और बिलिंग प्रणाली में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। संगठन ने इन समस्याओं के समाधान हेतु मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में संगठन ने आरोप लगाया है कि प्रीपेड मीटर लगाए जाने से पूर्व उपभोक्ताओं से जमा की गई सिक्योरिटी राशि वापस नहीं की जा रही है। जबकि प्रीपेड प्रणाली लागू होने के बाद सिक्योरिटी रखने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। इसके साथ ही फिक्स चार्ज, मिनिमम चार्ज व इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी समाप्त कर केवल उपभोग की गई यूनिट के आधार पर ही बिल बनाने की मांग की गई है। व्यापार मंडल का कहना है कि मीटर बदलने, चेक मीटर लगाने व उतारने के दौरान सीलिंग सर्टिफिकेट मौके पर नहीं दिया जाता, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। कई मामलों में मीटर लैब जांच के नाम पर उपभोक्ताओं पर बिजली चोरी जैसे गंभीर आरोप लगाकर एफआईआर व भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि बिजली विभाग के पोर्टल पर दर्शाई गई राशि और वास्तविक बिल में अंतर पाया जा रहा है, जिसका समाधान नहीं किया जा रहा। वहीं, सोलर प्लांट व नेट मीटरिंग वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा शुद्धिकरण (सेटलमेंट) के लिए बार-बार विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसके अलावा वर्षों पुराने पीडी कनेक्शनों पर बिना दस्तावेजों के आरसी जारी करना, अस्थायी विच्छेदन की तिथि से फाइनल बिल न बनाना, शिकायतों पर रिसीविंग न देना और ओटीएस योजना को सीमित रखना जैसे मुद्दों को भी गंभीर बताया गया है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि विद्युत प्रदाय संहिता-2005 के अनुसार पारदर्शी व्यवस्था लागू कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। पत्र के अंत में संगठन ने उपरोक्त सभी समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु आवश्यक आदेश पारित करने की अपील की है।




