
बदायूं सांसद आदित्य यादव जी ने केंद्रीय बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे जनविरोधी, किसान-विरोधी और युवा-विरोधी बजट बताया।
सांसद आदित्य यादव जी ने कहा कि देश आज महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की बदहाली से जूझ रहा है, लेकिन यह बजट आम जनता को राहत देने के बजाय कॉरपोरेट हितों को संरक्षण देने का दस्तावेज़ बनकर रह गया है। पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और खाद्य वस्तुओं की महंगाई पर सरकार ने जनता को पूरी तरह निराश किया है
उन्होंने कहा कि किसानों को MSP की कानूनी गारंटी न देना यह साबित करता है कि सरकार की प्राथमिकता किसान नहीं, बल्कि बड़े उद्योगपति हैं। युवाओं के लिए स्थायी रोजगार का कोई ठोस रोडमैप नहीं है, केवल प्रशिक्षण और योजनाओं के खोखले वादे किए गए हैं।
सांसद आदित्य यादव जी ने कहा,
“यह बजट विकसित भारत का नहीं, बल्कि चुनिंदा पूंजीपतियों को और अमीर बनाने का बजट है।
आम आदमी की जेब, किसान की फसल और युवा का भविष्य — तीनों इस बजट में उपेक्षित हैं।”



