इंडोनेशिया से देश का मान बढ़ा कर लौटे शिक्षक । इस उपलब्धि से पूरे शिक्षक समुदाय में खुशी की लहर
बिसौली से शिशुपाल सागर की रिपोर्ट

बिसौली। इंडोनेशिया में एजुकेशन इण्टरनेशनल एशिया पेसिफिक की दसवी रीजनल कांफ्रेस देश का मान बढ़ाने वाले शिक्षक स्वदेश लौट आए हैं। इस उपलब्धि से पूरे शिक्षक समुदाय में खुशी की लहर है।
हाल ही में आयोजित शांगरी ला होटल जकार्ता इन्डोनेशिया में दुनिया भर के शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया था। हमारे देश से प्रतिनिधित्व करने गए इन शिक्षकों ने कांफ्रेस में मजबूत सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली, उच्च शिक्षा में स्वायत्तता एकजुटता, शिक्षा में आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस, अधिकार समानता, सामूहिक शक्ति, लैंगिक समानता, जलवायु परिवर्तन और शिक्षा, शिक्षकों की कमी, गुणवत्ता युक्त शिक्षा, शैक्षिक नवाचार आदि विन्दुओं पर अपने विचार रखें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अमिट छाप छोड़ी।एजुकेशन इन्टरनेशनल एशिया पेसिफिक के रीजनल डायरेक्टर आनन्द सिंह ने विगत तीन वर्षो की गतिविधियों की जानकारी देते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक नवाचार कार्यशाला मथुरा के कार्यक्रम की प्रशंसा की। कांफ्रेस में लगभग 35 देशों के 400 डेलीगेट ने भाग लिया। भारत से ऑल इण्डिया फेडरेशन ऑफ टीचर्स आर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय महामंत्री सी.एल. रोज के नेतृत्व में मनोज कुमार सिंह, सलाउद्दीन, सोहन लाल, माधुरी रोज, पूर्णिमा गोस्वामी, लक्ष्मी सहित कुल आठ सदस्यों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में प्रतिभाग कर जकार्ता से भारत लौटे शैक्षिक नवाचार एसोसिएशन प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ऑल इण्डिया फेडरेशन ऑफ टीचर्स ऑर्गनाइजेशन मनोज कुमार सिंह ने उक्त जानकारी दी।




