24 घंटे में 30 सेंटीमीटर बढ़ा गंगा का जलस्तर,किनारे के इलाकों में दहशत
बिसौली से शिशुपाल सागर की रिपोर्ट
बदायूं। उत्तराखंड के पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही मानसूनी बारिश का असर अब बरेली मुरादाबाद मंडल के जिलों में भी देखने लगा है। पिछले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 30 सेंटीमीटर बढ़ गया है, जिससे तटवर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक गंगा का जलस्तर महज एक दिन में 30 सेमी की बढ़ोतरी के बाद नदी चेतावनी निशान की तरफ बढ़ रही है।
उधर उत्तराखंड में हाई इंटेंसिटी बारिश का अलर्ट और बिजनौर बैराज से करीब 1 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की वजह से अगले 2-3 दिन में जलस्तर में और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।
जलस्तर बढ़ने से बदायूं के गंगा किनारे बसे गांवों में दहशत का माहौल है। प्रशासन को सूचना मिली है कि बढ़े पानी से कुछ खादर क्षेत्र के किसान अपने खेतों और मवेशियों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने लगे हैं।
स्थानीय लोग लगातार नदी के बढ़ाव पर नजर रखे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है, “अगर पहाड़ों में बारिश नहीं रुकी और बैराज से और पानी छोड़ा गया तो खेतों में पानी भरना तय है।”
स्थिति को देखते हुए डीएम अवनीश राय ने सभी संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती, नावों की व्यवस्था और राहत सामग्री की उपलब्धता चेक करने को कहा गया है। लेखपालों और राजस्व टीमों को भी गांव-गांव जाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए जागरूक करने के आदेश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 72 घंटे में उत्तराखंड में भारी बारिश का अनुमान है। ऐसे में गंगा का जलस्तर और बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे न जाएं, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें।



