
दरगाह आला हज
बरेली,उर्स-ए-रज़वी में जहां एक तरफ धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो चुके है। शहर व दूर-दराज से लोग चादरों के जुलूस ला रहे है। वहीं दूसरी तरफ सामाजिक कार्य भी किए जा रहे है जिससे सभी समुदाय के लोग लाभ उठा सके। दरगाह आला हज़रत की ओर से आज एक विशाल स्वास्थ्य शिविर बाकर गंज स्थित ईदगाह गेट पर शादी हाल में लगाया गया। शिविर का उद्घघाटन मरकज़-ए-अहले सुन्नत वेलफेयर ट्रस्ट के सदर हाजी मोहसिन हसन ने सुबह 10 बजे किया। शिविर में पहुंचे सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने कहा कि बुजुर्गों,सूफियों के दर से रुहानियत के साथ दुआएं मिला करती है। दरगाह की कोशिश है कि समाज के हर तबके को दुआओ के साथ दवा भी मिले। इससे पहले भी उर्स ए ताजुश्शरिया और उर्स ए नूरी के मौके पर भी इस तरह के कैंप लगाए गए है। आगे कहा कि बीमारी आने पर दवा और डॉक्टर का सहारा लेना सुन्नत है। आखिर में सभी के लिए दुआ की।
मीडिया प्रभारी व शिविर संयोजक नासिर कुरैशी ने बताया स्वास्थ्य शिविर में एक ही छत के नीचे डॉक्टर संजीव कुमार(शुगर, थायरायड व गंभीर रोग विशेषज्ञ) डॉक्टर अक्षत बॉस(नेत्र सर्जन),डॉक्टर उवैस अहमद(फिजिशियन),डॉक्टर अनीता शर्मा(स्त्री रोग विशेषज्ञ),डॉक्टर पवन शर्मा(दंत रोग विशेषज्ञ),डॉक्टर छाया तिवारी(स्किन रोग विशेषज्ञ),डॉक्टर सूर्यवंश(हड्डी रोग विशेषज्ञ),डॉक्टर अफ़रोज़ आलम(फिजियोथैरेपिस्ट),जितेंद्र सिंह(नेत्र परीक्षक) मौजूद रहें। 437 लोगो का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया,187 लोगों की आंखों की जांच,88 लोगों की मुफ्त थायराइड,कैल्शियम,यूरिक एसिड,सीबीसी,हिमोग्लोबिन, कोलेस्ट्रॉल व 54 लोगों की शुगर की मुफ्त जांच की गईं। 28 लोगों को मोतियाबिंद पाया गया। 05 लोगों ने पथरी का ऑपरेशन,03 हड्डी,03 यूटरस,01 हार्निया के मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इनमें से जिनके पास आयुष्मान थे उनके आयुष्मान से बाकि सभी जरूरतमंदों के ऑपरेशन दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की ओर से अलग अलग तिथियों में प्राइवेट अस्पताल में डॉक्टर महेश चंद्रा(सर्जन) व डॉक्टर अक्षत बॉस(नेत्र सर्जन)मुफ्त कराए जाएंगे। जो लोग कैंप में आने से किसी कारण रह गए है उनको डॉक्टर ने ऑपरेशन बता दिया है वो लोग 20 अगस्त तक कभी भी 9897556434 इस नंबर संपर्क कर अपना रजिस्ट्रेशन करा ले।
कैम्प में भोले सिंह तोमर,गोदपाल यादव,परवेज़ नूरी,शाहनवाज रज़ा,आफताब रज़ा,संजू रस्तोगी,धीरज शर्मा,सीमा कुमारी,अश्मीर रज़ा,इमरान रज़ा,मुनीश कुमार,सय्यद फैजान अली,साजिद नूरी,आमिर रज़ा,मोहम्मद जावेद आदि का विशेष सहयोग रहा। आखिर में सभी का आभार हस्सान रज़ा खान ने अदा किया।
नासिर कुरैशी



