फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले गैंग का भंडाफोड़, सरगना सहित 4 गिरफ्तार।
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लखनऊ: राजधानी समेत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलो में फर्जी वेबसाइट्स से जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाकर फर्जीवाड़ा करने की शिकायतें पुलिस को मिल रही थीं. यूपी एसटीएफ ने सूचना के आधार पर गैंग के मास्टरमाइंड को लखनऊ और उसके 4 अन्य साथियों को गोंडा से शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया. यह लोग फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर फर्जी वसीयत, फर्जी बैनामा, आधार कार्ड बनवाकर फ्रॉड कर रहे थे. इस संगठित गिरोह ने लाखों फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाये थे.
लखनऊ एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक शुधांशु शेखर ने द टेलीकास्ट को बताया कि एसटीएफ उप निरीक्षक नरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गयी थी. टीम को जानकारी मिली कि फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह का एक सदस्य वैगन आर कार संख्या UP 14 CL 6208 से हरदोई से लखनऊ जाने वाला है. दुबग्गा चौराहे के पास से लाल बिहारी को गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से फर्जी मृत्यु-जन्म प्रमाण पत्र बरामद हुए.
ग्राम पंचायत अधिकारी है मास्टरमाइंड:
गिरफ्तार अभियुक्त लाल बिहारी ने एसटीएफ को बताया कि वह ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर ग्राम अहिरौरी जनपद हरदोई में तैनात है. वह अपने गोंडा में रहने वाले साथी रवि वर्मा की मदद सहयोग से फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाता है. अभियुक्त लाल बिहारी से पूछताछ के आधार पर उसके 04 अन्य सहयोगियों को ग्राम पिपरा बिटोरा इमलिया, बिशुनपुर, बैरिया थाना-मोतीगंज जनपद गोंडा से गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार अभियुक्त रवि वर्मा ने पुलिस को बताया कि कुछ महीनों से आनलाइन फर्जी वेबसाइट बनायी थी. इस वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन लॉगिन करके नकली जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किया करते थे. उसकी निर्धारित फीस ऑनलाइन लेते थे. यह काम वह अपने भाई सोनू वर्मा के साथ मिलकर करता था.
1.42 लाख जाली जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाए:
इस गिरोह ने अब तकर लगभग 1.40 लाख फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और 2500 फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाये हैं. यह लोग प्रति व्यक्ति लगभग 600-1000 रुपये चार्ज लेते थे. रवि वर्मा प्रति जन्म प्रमाण पत्र 30 रुपये और प्रति मृत्यु प्रमाण पत्र 70 रुपये यूपीआई के माध्यम से अपने पिता के खाते में लेता था. रवि वर्मा के खिलाफ पूर्व में भी जनपद गोंडा के कोतवाली नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था. गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ लखनऊ के साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है ।
(स्रोत द टेली कास्ट से)




