आशा वर्कर्स लिखेंगी खून से चिट्ठी। एक माह से ज़्यादा हुआ सरकार तक नहीं पहुंची आवाज़।

बदायूँ।उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर जारी अनिश्चित कालीन हड़ताल का 38 वा दिन पूरा हो गया। मालवीय मैदान में अपनी हड़ताल के समर्थन में 37 दिन धरना दे रही आशा कर्मी आज भी डटी रही ।
आंदोलन के समर्थन में कई सामाजिक संगठनों ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन किया।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जौली वैश्य ने कहा कि इतने दिन से आंदोलन जारी है पर सरकार सिर्फ आंदोलन को तोड़ने की साजिश के अलावा कुछ नहीं कर रही है। उसे अब तक भी समझ नहीं आया कि बिना समस्याओं का समाधान किए आंदोलन खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हम अपने लोकतंत्रिक अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। बापू के बताए रास्ते पर हम बहुत संवेदनहीन सरकार से जूझते हुए हमने 37 दिन बिताए हैं किंतु अब इस आंदोलन को निर्णय की ओर ले जाने का समय आ गया है। और धरना स्थल पर सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार पाल ने आश्वासन दिलाया की आपकी मांगे सरकार द्वारा जल्द ही पूरी की जाएंगी व मांग पत्र भी सौंपा ।
जौली वैश्य ने कहा कि 22 जनवरी को अम्बेडकर की प्रतिमा तक मार्च निकाली जायेगी।जिलाध्यक्ष जौली वैश्य ने वताया गूंगी बहरी हो गई सरकार को अपने खून से चिट्ठी लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को भेजकर संविधान की प्रस्तावना की याद दिलाएंगे कि सरकारें जनता के द्वारा जनता के लिए बनती हैं , आज जनता के बजाय भ्रष्ट्राचारियों, धन कुबेरों के हित साधन हमारे संविधान के विरुद्ध है। उन्होंने सभी का आह्वान किया कि कल बाबा साहब अम्बेडकर की प्रतिमा पर पहुंचने के लिए समय से बड़ी संख्या में आशा कर्मी और सामाजिक कार्यकर्ता सहित सभी प्रबुद्ध जन पहुंचें।
आज कार्यक्रम को नीलम सक्सेना, तुलसा , वंदना , उषा देवी , हंसमुखी , शारदा देवी , सितारनी , सुधा , प्रतिभा , पिंकी , धीरज देवी ने भी संबोधित किया।




