
बीते मंगल की शब सैयद मुस्तफा अली के यहाँ एक मुशायरा ब यादे सैयद मखदूम अशरफ सिमनानी मुनककिद हुआ जिसमे मकामी शायरो ने शान दार कलाम पड़े।

बीते मंगल की शब सैयद मुस्तफा अली के यहाँ एक मुशायरा ब यादे सैयद मखदूम अशरफ सिमनानी मुनककिद हुआ जिसमे मकामी शायरो ने शान दार कलाम पड़े।