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बिसौली
नगर में मोहर्रम माह की पहली तारीख से ही शिया समुदाय लोगों ने परचम कुशाई कर निकाला मातमी जुलूस निकालने का सिलसिला शुरू हो गया। रोज़ सवेरे जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए नौहाख्वानी एवं मातम किया गया। मोहर्रम हमें सत्य, न्याय और कुर्बानी का संदेश देता है तथा हजरत इमाम हुसैन की शिक्षाएं आज भी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मोहर्रम की पहली तारीख से ही नगर में धार्मिक कार्यक्रमों और मजलिसों का सिलसिला शुरू हो गया है।

