मनौना धाम महंत की तंजानिया के राष्ट्रपति से हुयी मुलाकात सनातन संस्कृति पर हुयी चर्चा
बिसौली से शिशुपाल सागर की रिपोर्ट
आवला – लीला रचा रहे नई हमारे श्याम अब,
तंजानिया के है नए सहारे श्याम अव
देशो की जाति मजहबो की तोडकर दीवार
दारे अस सलाम बन गया है दारे श्याम अव
तंजानिया अफ्रीका के सात दिवसीय धार्मिक दौरे के आखिरी दिन विश्व विख्यात श्री श्याम मंदिर मनौना धाम जीवन धाम आंवला उत्तर प्रदेश ( भारत ) के महंत ओमेन्द्र महाराज की ऐतिहासिक मुलाकात तंजानिया के प्रमुख नेता क्रान्तिकारी परिषद के अध्यक्ष आठवे राष्ट्पति डा हुसैन अली म्विन्यी से हुयी , महंत जी महाराज से भारतीय संस्कृति सनातन धर्म तथा वाबा श्याम के चमत्कारो के वारे मे विस्तार से चर्चा हुयी तथा तंजानिया के राष्ट्रपति ने महंत जी महाराज का भब्य स्वागत कर तंजानिया आने का आभार व्यक्त किया महंत जी महाराज ने भारत आने तथा वाबा श्याम के दरवार आने का न्यौता दिया
आपको बता दे डॉ. हुसैन अली म्विन्यी तंजानिया के एक प्रमुख राजनेता हैं, जो 2020 से ज़ंजीबार के 8वें राष्ट्रपति और क्रांतिकारी परिषद के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। चामा चा मापिंदुजी ( सी सी एम ) पार्टी के सदस्य, वे तंजानिया के पूर्व राष्ट्रपति अली हसन म्विन्यी के पुत्र हैं। उन्होंने मेडिसिन में पढ़ाई की है और पहले रक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया है।
उन्होंने तुर्की के मरमारा विश्वविद्यालय से मेडिसिन में स्नातक किया और यूके के किंग्स कॉलेज (हैमरस्मिथ अस्पताल) से इंटरनल मेडिसिन में विशेषज्ञता प्राप्त की।
राजनीति में आने से पहले, उन्होंने यूके के ब्राइटन में रॉयल ससेक्स अस्पताल, तंजानिया में मुहिम्बिली नेशनल अस्पताल और ह्यूबर्ट कैरुकी मेमोरियल अस्पताल में काम किया।
2020 में ज़ंजीबार के राष्ट्रपति चुने गए।
उन्हें ज़ंजीबार जल क्षेत्र में सुधारों के लिए ‘ग्लोबल वॉटर चेंजमेकर्स अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है, और उन्हें 2024 में ज़ंजीबार विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट ( पी एच डी .) की मानद उपाधि से भी नवाजा गया है
महंत जी महाराज का तंजानिया अफ्रीका का धार्मिक ऐतिहासिक दौरा रहा गुरुवार प्रातः महंत जी महाराज भारत वापस आ गये जो मुम्बई मे प्रवास करेंगे तथा 19 अप्रैल को मुम्बई मे वाबा श्याम दरवार आशीर्वाद कार्यक्रम तथा उपाधि वितरण कार्यक्रम मे भाग लेंगे तथा श्याम भक्तो को आशीर्वाद देंगे , धाम पर 23 अप्रैल सुबह 9 बजे से श्याम भक्तो को आशीर्वाद देगे तथा मरीजो को जल अभिमंत्रित कर देखेगे ।



