सुजावली में विकास कार्यों की खुली पोल, जलभराव और बदहाल खड़ंजे से ग्रामीण परेशान सचिव और प्रधान पर उठे गंभीर सवाल।
साहसवान से काशिफ अली खान की रिपोर्ट
संवाददाता काशिफ अली खान
बदायूं दहगवां ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम सुजावली में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत ने सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी है। गांव के मुख्य रास्ते पर कई दिनों से गंदा पानी भरा हुआ है और नालियां कीचड़ से पूरी तरह जाम पड़ी हैं। रईस पुत्र निजामुद्दीन व अतर सिंह पुत्र सौदान सिंह के घर के सामने बनी यह स्थिति अब ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में सफाई, नाली निर्माण और खड़ंजा मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च दिखाए गए, लेकिन धरातल पर हालात बेहद खराब हैं। गांव का मुख्य मार्ग तालाब में तब्दील हो चुका है, जहां से रोजाना स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर हैं। गंदे पानी और बदबू से आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है तथा संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि खड़ंजे की मरम्मत में पुराने ईंटों और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण रास्ता थोड़े ही समय में उखड़ गया और जगह-जगह कीचड़ व जलभराव की स्थिति बन गई। लोगों का कहना है कि कागजों में विकास कार्य पूरे दिखा दिए गए, लेकिन गांव की तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि गांव के करीब 100 साल पुराने प्राचीन मंदिर तक जाने के लिए भी कोई सही रास्ता नहीं बचा है। मंदिर में पूजा-अर्चना करने जाने वाली महिलाओं, बुजुर्गों और श्रद्धालुओं को कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। बरसात के मौसम में हालात इतने खराब हो जाते हैं कि लोगों का निकलना तक मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों ने ग्राम सचिव और प्रधान पर विकास कार्यों में अनियमितता और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।


