
बदायूं ।15 दिसम्बर 2025 से जारी हड़ताल में बदायूं जनपद की आशा वर्कस आज भी मजबूती से डटी रहीं। मालवीय मैदान में उनके धरने का भी आज 24 वा दिन पूरा हुआ।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में आशा और संगिनी जुटी और अपनी मांगो के समर्थन में नारे लगाए। तथा सभा की।
आशा कर्मियों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जौली वैश्य ने कहा कि सरकार अगर थकाना, निराश कर हड़ताल को तोड़ने का सपना देख रही है तो यह उसकी खामखयाली है ।यह हड़ताल अपनी मांगो के हल तक जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि कल होने वाली कैबिनेट की बैठक में सरकार ने अगर आशा वर्कर्स के सवालों को एजेंडे में शामिल नहीं किया तो निश्चय ही लड़ाई लंबी चलेगी और सरकार को हराने के लिए अपनी शक्ति में बढ़ोतरी करनी होगी।
मुनिशा ने कहा कि 20 वर्ष गुलामी के जी सकते हैं तो 20 माह भी अगर बेहतर जिंदगी के दरवाजे खोलने के लिए लड़ना पड़े तो लड़ा ही जाएगा। पूरा जिला एकजुट है, कुछ लोग बहकावे और डर का शिकार हैं,उन्हें भी अपनी इस लड़ाई को जीतने में अपना योगदान करने के लिए साथ आ खड़े होना चाहिए।
जिला सचिव ने आगे कहा कि पहले दिन से ही अफ़वाहों के जरिए आंदोलन से लोगों को अलग करने ,भ्रमित कर हड़ताल को तोड़ने की सारी कोशिशें बेकार साबित हो चुकी हैं और फैलाए गए तमाम झूठ भी बेनकाब हो चुके है। अब वक्त आ गया है कि सभी एक बार पूरी ताकत से सरकार की अनदेखी और वादा खिलाफी के विरुद्ध उतरे। सहसचिव शशि सक्सेना ने कहा कि 9 जनवरी को मंडलायुक्त के समक्ष प्रदर्शन की जोरदार तैयारी करनी है और बदायूं से हज़ारों की संख्या में बरेली पहुंचकर अपने सवालों को बुलंद करना और सरकार को पुनः राजधानी की तरह आने की विवशता के प्रति आगाह करना हैं।
आज नीलम , राजकुमारी ने भी धरने में अपने विचार व्यक्त किया । धरने में रीना , उर्मिला , हेमलता , सुमन , भगवान देवी , चमेली देवी , संतोष कुमारी, कुसुमलता , सत्यवती , शकुंतला आदि आशाएं शामिल रही।



