शबे-बारात इबादत की रात, स्टंट और आतिशबाज़ी से करें परहेज़: मुफ्ती मोहम्मद मुबीन रज़ा की अपील

शबे-बारात को लेकर मुफ्ती ने आम जनता, खासतौर पर नौजवानों से शांति, इबादत और संयम बरतने की अपील की है।
संवाददाता काशिफ अली खान
सहसवान शबे-बारात को लेकर मुफ्ती मोहम्मद मुबीन रज़ा इमाम मस्जिद इनायत खा शाहबाजपुर ने आम जनता, खासतौर पर नौजवानों से शांति, इबादत और संयम बरतने की अपील की है। मुफ्ती मोहम्मद मुबीन रज़ा ने कहा कि शबे-बारात मग़फिरत और निजात की रात है। इस रात अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगनी चाहिए, न कि बाइक स्टंट, हुड़दंग और आतिशबाज़ी जैसे काम करने चाहिए, जो इस्लाम में सख़्त मना हैं।
मुफ्ती मोहम्मद मुबीन रज़ा ने कहा कि सड़क पर स्टंट करने से न सिर्फ़ हादसों का खतरा बढ़ता है बल्कि कई मासूम जानें भी चली जाती हैं। वहीं आतिशबाज़ी को हराम बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे माल का नुकसान होता है और शहर की हवा भी ज़हरीली होती है, जिससे A.Q.I और बिगड़ता है। उन्होंने बताया कि शबे-बारात के दिन कब्रिस्तान जाना हदीस से साबित है। कब्रिस्तान जाकर क़ुरान-पाक़ और दरूद शरीफ पढ़कर अपने मरहूमीन के लिए ईसाले सवाब करना चाहिए।
वहीं मुफ्ती मोहम्मद मुबीन रज़ा ने कहा कि शबे-बारात इबादत, तौबा और निजात की मुकद्दस रात है। इस रात अल्लाह तआला अपनी शान के मुताबिक़ दुनिया-ए-आसमान पर नुज़ूले रहमत फरमाता है और बंदों की दुआएं क़बूल करता है। उन्होंने कहा कि इस पूरी रात को इबादत में गुज़ारें, अपनी औलाद के बेहतर मुस्तकबिल, मुल्क की तरक्की, अमन और भाईचारे के लिए दुआ करें। मुफ्ती मोहम्मद मुबीन रज़ा ने भी साफ़ शब्दों में कहा कि पटाखे और आतिशबाज़ी बिल्कुल न करें, तेज़ बाइक चलाकर या हुड़दंग मचाकर किसी को तकलीफ न दें, ताकि इस्लाम की तालीमात और समाज में भाईचारे का पैग़ाम कायम रहे।




