दातागंज की उसावा ब्लॉक में आवास योजना में घोटाले के आरोप, लाभार्थियों से वसूली का मामला
दातागंज से हुकुम सिंह की रिपोर्ट
जनपद बदायूं के उसावा ब्लॉक की ग्राम पंचायत रिजोला में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों से कथित रूप से रिश्वत वसूले जाने का गंभीर मामला सामने आया है। कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि आवास दिलाने और किस्त जारी करने के नाम पर उनसे हजारों रुपये लिए गए, जबकि उन्हें योजना का पूरा लाभ अब तक नहीं मिल सका।
रिजोला गांव की निवासी रामप्यारी, जो एक विधवा हैं, ने बताया कि उन्हें आवास की पहली किस्त के रूप में 40,000 रुपये मिले थे। आरोप है कि ग्राम प्रधान और सचिव ने उनसे 20,000 रुपये की मांग की। उन्होंने बताया कि शुरुआत में यह राशि उन्होंने मकान की नींव भरने में खर्च कर दी थी, लेकिन बाद में दबाव में आकर उन्हें 20,000 रुपये देने पड़े।
रामप्यारी का कहना है कि बाद में उनसे फिर पैसे की मांग की गई, जिसके लिए उन्हें अपने जेवरात गिरवी रखने पड़े। इसके बावजूद उनकी दूसरी किस्त जारी नहीं की गई और उन्हें बताया गया कि उनका खाता होल्ड कर दिया गया है। उन्होंने कई बार न्याय के लिए कोर्ट के चक्कर लगाए, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल सका है।
इसी ग्राम पंचायत के राम रईस वाल्मीकि ने भी आरोप लगाया कि उनसे आवास के नाम पर 20,000 रुपये लिए गए। वहीं, निवासी ऋषभ ने बताया कि उनके माता-पिता के निधन के बाद उन्हें आवास स्वीकृत हुआ था। पहली किस्त मिलने पर उनसे 10,000 रुपये ले लिए गए, लेकिन दूसरी किस्त अब तक नहीं आई है।
नगरिया दुकानी गांव के निवासी रामनाथ, जो शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं, ने बताया कि उनका 1,20,000 रुपये का आवास स्वीकृत हुआ था। पहली किस्त 40,000 रुपये मिलने पर प्रधान और सचिव ने उनसे 30,000 रुपये ले लिए। उन्होंने किसी तरह मकान की दीवारें तो खड़ी कर लीं, लेकिन दूसरी किस्त न मिलने के कारण छत डालना संभव नहीं हो पा रहा है। उनका आरोप है कि अब उनसे और पैसे की मांग की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की वसूली के चलते गरीब और जरूरतमंद लोग योजना का पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं और अधूरे मकानों में रहने को मजबूर हैं।
इस मामले में जब खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) उसावा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि शिकायत की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।



