बिसौली में प्रीपेड मीटर के खिलाफ व्यापारियों की आवाज बुलंद, समस्याओं के समाधान को मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
आखिर कब तक चलेगा स्मार्ट मीटरों में माइनस का खेल
माइनस को लेकर बढ़ती ही जा रही है उपभोक्ताओ की समस्याएं
बिसौली – उत्तर प्रदेश में प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अधिशासी अभियंता बिसौली को सौंपकर प्रीपेड मीटर से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि प्रीपेड मीटर लगने के बाद हजारों व्यापारियों और उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि मीटर के चलते बार-बार बिजली कट रही है, वहीं विभाग का सर्वर भी ठीक से काम नहीं कर रहा, जिससे भुगतान अपडेट नहीं हो पा रहा है। व्यापारियों ने ज्ञापन में यह भी कहा कि पुराने सिक्योरिटी एडजस्टमेंट की जानकारी उपभोक्ताओं को नहीं दी जा रही, जबकि बिना ठोस आधार के पुराने बकाया दिखाकर वसूली के नोटिस भेजे जा रहे हैं। कनेक्शन पीडी होने के बाद फाइनल बिल में भी अनियमितताओं और अवैध वसूली के आरोप लगाए गए हैं।ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर इसे उपभोक्ता की सहमति पर ही लागू किया जाए। साथ ही मीटर के संचालन की पूरी जानकारी और मैन्युअल उपलब्ध कराने, 5 साल की गारंटी देने और मीटर से संबंधित ऐप व सीलिंग सर्टिफिकेट को समय पर अपडेट करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।




