सैदपुर में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत “पॉलिथीन हटाओ मुहिम”को मिला जनसहयोग
सहसवान से काशिफ अली खान की रिपोर्ट
संवाददाता काशिफ अली खान
बदायूं शासन द्वारा संचालित “ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 अनुपालन एवं जनजागरूकता अभियान” के अंतर्गत स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनजागरूकता अभियान लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में आज सैदपुर नगर में “पॉलिथीन हटाओ मुहिम” के तहत दुकानों, गलियों एवं मोहल्लों में जाकर लोगों को जागरूक किया गया
अभियान के दौरान आर.टी.एम सोसाइटी फॉर सोशल डेवलपमेंट की टीम एवं स्वयंसेवकों ने दुकानदारों तथा स्थानीय नागरिकों के घरों और प्रतिष्ठानों पर दस्तक देकर सिंगल यूज़ पॉलिथीन के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। लोगों से अपील की गई कि वे पॉलिथीन की जगह जूट, कपड़े एवं कागज़ के थैलों का अधिक से अधिक उपयोग करें।
इस अवसर पर कार्यक्रम के संचालक खालिद ख़ान, डायरेक्टर फ्यूचर पब्लिक स्कूल अब्दुल गनी,असद इशरत, आग़ा मैमोरियल के फाउंडर रिज़वान ख़ान,अहमद रज़ा, मोनिस ख़ान,आदिल ख़ान,ज़ीशान सिद्दीक़ी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल संचालन एवं जनजागरूकता अभियान में आर.टी.एम सोसाइटी फॉर सोशल डेवलपमेंट की संस्थापक रिदा खान, मुशीर अली, वैश्नवी पटेल, अंश पटेल,नगर पालिका सैदपुर के सभासद आज़म हुसैन सहित संस्था के अन्य पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों का विशेष सहयोग रहा।
अभियान के दौरान दुकानदारों एवं स्थानीय नागरिकों को समझाया गया कि खरीदारी के समय कपड़े, जूट या कागज़ का थैला साथ रखना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लोगों से पॉलिथीन के अनावश्यक उपयोग से बचने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई।
आर.टी.एम सोसाइटी फॉर सोशल डेवलपमेंट की संस्थापक रिदा खान ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक संस्था या विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि “दुकान-दुकान और घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने का उद्देश्य लोगों की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाना और सैदपुर को स्वच्छ एवं पॉलिथीन मुक्त बनाने की दिशा में जनभागीदारी बढ़ाना है।”
अभियान का संदेश स्पष्ट रहा—
“थैला साथ रखें, पॉलिथीन को ना कहें और स्वच्छ सैदपुर के निर्माण में अपना योगदान दें।”
कार्यक्रम का उद्देश्य स्वच्छता, कचरा पृथक्करण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रति नागरिकों को जागरूक करना है।


