नगर व क्षेत्र में आवारा कुत्तों का बढ़ते आतंक का जिम्मेदार कौन?
बिसौली से शिशुपाल सागर की रिपोर्ट
बदायूँ – नगर व क्षेत्र के विभिन्न मार्गों, गलियों और चौराहों पर आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई स्थानों पर दर्जनों कुत्ते झुंड बनाकर बैठे रहते हैं और चलती हुई बाइक या अन्य वाहनों के पीछे दौड़ पड़ते हैं। इससे वाहन चालक घबरा जाते हैं, उनका संतुलन बिगड़ जाता है और कई बार दुर्घटनाएं तथा चोटिल होने की घटनाएं भी सामने आती हैं।
विचारणीय बात यह है कि यदि यही कुत्ते किसी राहगीर को काट लें, किसी को घायल कर दें या किसी दुर्घटना का कारण बन जाएं, तो इन्हें आवारा बताकर कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं होता। वहीं दूसरी ओर, नगर में अनेक व्यापारिक प्रतिष्ठानों, दुकानों और संस्थानों के बाहर यही कुत्ते नियमित रूप से देखे जाते हैं और उन्हीं स्थानों की चौकीदारी करते दिखाई देते हैं।
ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारियों से निवेदन है कि या तो इन आवारा कुत्तों को पकड़कर नियमानुसार सुरक्षित आश्रय स्थलों तक पहुंचाया जाए, अथवा जिन प्रतिष्ठानों या परिसरों में ये स्थायी रूप से रह रहे हैं, उनकी जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाए। यदि भविष्य में कोई अप्रिय घटना होती है, तो जिम्मेदारी तय करने और आवश्यक कार्रवाई करने में सुविधा होगी।
जनहित में आवश्यक है कि नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस समस्या का शीघ्र और प्रभावी समाधान किया जाए।



