
बिसौली (बदायूं ) बीती रात नगर की नूरी मस्जिद (हाते वाली ) की नूरी कमेटी के ज़ेरे एह्तमाम जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौक़े पर एक शानदार रहमते आलम कॉंफ्रेंस व मुक़ाबला दीनी सवाल ओ जवाब का प्रोग्राम हज़रत मौलाना रफ़ीक खालिदी की ज़ेरे सदारत व हज़रत कारी मुहम्मद अतीक़ उल क़ादरी बरकाती की ज़ेरे हिमायत व हजरत अल्लामा मौलाना मुफ्ती आलम अशरफ़ी नूरी की ज़ेरे क़यादत में किया गया।
जिसमें मेहमाने खुसूसी व मुकर्रिरे ख़ास नाशिरे मसलके आला हज़रत खलीफाए ताजुश्शरिया खलीफा ए हुजूर मोहददिसे कबीर हजरत अल्लामा मौलाना मुफ्ती शहजाद आलम मिस्बाही मुदर्रिस जामी उर रजा बरेली शरीफ ने खुसुसी खिताब किया। वहीं ख़तीबे लाजवाब हज़रत हाफिज़ ओ कारी शरीफ़ रज़ा जामी इमाम रज़ा मस्जिद बिसौली ने दिलों में नूर की रोशनी फैलाने वाला शानदार ख़िताब किया इनके अलावा दीगर हज़रात का भी ख़िताब हुआ और नात ख्वआ शायर अली व फरमान रज़ा ने भी कलाम पेश करके लोगों के दिलों को मुनव्वर किया। मिम्बर तमाम आइम्मा व हुफ़फाजे किरमान जलवा अफरोज रहे। इस शानदार प्रोग्राम की निज़ामत नक़ीबे एहले सुन्नत माहिरे शेरो सुख़न हज़रत हाफिज़ सालिम रज़ा दानिशी ने फरमाई। प्रोग्राम देर रात तक चला और सामाइन की तादाद इतनी थी लोगों को पिनडाल में बैठने की जगह नहीं मिल पा रही थी कमेटी ने खवातिन के बैठने का भी माकूल इंतजाम किया था। प्रोग्राम में सीरते मुहम्मद मुस्तफा और आज के मुस्लिम मुआशरे में आ रहीं बुराइयों को ख़त्म करने और सीधी राह पर चलने की नसीहतें दीं। मुल्क में अमन चैन की दुआओं के साथ प्रोग्राम का समापन हुआ। आख़िर में नूरी कमेटी ने सभी का शुक्रिया अदा किया वहीं लोगों ने कमेटी की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसे प्रोग्राम होते रहना चाहिये।


