
वर्षा ऋतु में नमी और मौसम में बदलाव के कारण पाचन और संक्रमण से जुड़ी समस्याएँ बढ़ सकती हैं। इसलिए हल्का, ताज़ा और अच्छी तरह पका हुआ भोजन बेहतर विकल्प है।
✅ क्या खाएँ?
🍲 गर्म और ताज़ा भोजन — दाल, खिचड़ी, दलिया आदि।
🥬 अच्छी तरह पकाई हुई सब्ज़ियाँ।
🌾 हल्के अनाज और संतुलित मात्रा में दालें।
🍎 ताज़े फल, अच्छी तरह धोकर।
🥛 दही/छाछ यदि आपको पचता हो और ताज़ा हो।
🌿 अदरक, जीरा, हल्दी जैसे सामान्य मसालों का संतुलित उपयोग।
💧 उबला या सुरक्षित पेयजल पर्याप्त मात्रा में।
❌ क्या कम करें या बचें?
🍔 खुले में बिकने वाला कटे हुए फल और अस्वच्छ स्ट्रीट फूड।
🥗 कच्ची सब्ज़ियाँ/सलाद, यदि उनकी स्वच्छता पर भरोसा न हो।
🍟 बहुत अधिक तला-भुना और अत्यधिक मसालेदार भोजन।
🥤 खुले या संदिग्ध स्रोत के पेय।
🍰 लंबे समय से रखा हुआ या बासी भोजन।
🧂 बहुत अधिक नमक और चीनी।
🍄 ऐसी चीज़ें जिनकी ताजगी या स्वच्छता संदिग्ध हो।
🌿 आयुर्वेदिक संदेश
“वर्षा ऋतु में भोजन जितना ताज़ा, स्वच्छ, हल्का और सुपाच्य होगा, उतना ही बेहतर।”
अगर लगातार पेट दर्द, उल्टी, दस्त, तेज़ बुखार या कमजोरी हो, तो घरेलू/आयुर्वेदिक उपायों पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सक से सलाह लें।