संभल के बेटे का दिल्ली से दुनिया तक का सफर: ‘ब्रिज कम्युनिकेशंस’ के 5 साल पूरे नेपाल से होगा अंतरराष्ट्रीय आगाज!
सम्भल से लल्ला सलमानी की रिपोर्ट

सम्भल जिले के वरिष्ठ पत्रकार गौहर संस्था की सोशल विंग ‘संभल एग्रीटेक FPO’ आसिफ की सामाजिक संस्था जल्द शुरू करेगी आधुनिक एग्रीकल्चरल इनपुट सेंटर, आज पाॅंच वर्ष पूरे किये।सफलता के 5 वर्ष; वाश, स्वास्थ्य और जमीनी मुद्दों को दी वैश्विक पहचान, संभल के अन्नदाताओं को एक ही छत के नीचे मिलेंगे उन्नत कृषि उत्पाद और परामर्श संभल / नई दिल्ली। जब मिट्टी से जुड़ाव सच्चा हो और इरादों में समाज को बदलने का जज्बा, तो संभल की गलियों से निकला हुनर देश की राजधानी ही नहीं बल्कि सरहदों के पार भी अपनी अमिट छाप छोड़ता है। कुछ ऐसी ही प्रेरणादायी दास्तान लिखी है संभल की माटी के लाल और वरिष्ठ पत्रकार गौहर आसिफ ने, जिनकी विकास संचार संस्था ‘ब्रिज कम्युनिकेशंस’ ने अपने 5 गौरवशाली वर्ष पूरे कर लिए हैं। दिल्ली के जामिया नगर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में जब संस्था की पांच साल की उपलब्धियों और जमीनी संघर्षों का जश्न मनाया गया, तो संभल का नाम भी विकास के राष्ट्रीय पटल पर गर्व से गूंज उठा।एक दौर था जब गांव-देहात की जमीनी समस्याएं सिर्फ फाइलों और आंकड़ों में दबकर रह जाती थीं, लेकिन पत्रकारिता के तजुर्बे को सामाजिक बदलाव का औजार बनाते हुए गौहर आसिफ ने पांच साल पहले ‘ब्रिज कम्युनिकेशंस’ की नींव रखी। मकसद साफ था—नीतियों, योजनाओं और अंतिम पंक्ति में खड़े आम इंसान के बीच संवाद का एक मजबूत पुल (ब्रिज) तैयार करना। बीते आधे दशक में रिमोट वर्किंग और जमीनी कार्यकर्ताओं के अनूठे तालमेल से इस संस्था ने महिला व बाल विकास, स्वच्छ जल व स्वच्छता (WASH), पोषण, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका जैसे संजीदा मुद्दों को नई आवाज दी।
ब्रिज कम्युनिकेशंस आज सिर्फ बातें नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत को असरदार संचार में ढालने वाली देश की अग्रणी संस्था बन चुकी है। संस्था सामाजिक बदलाव के लिए असरदार डॉक्यूमेंट्री फिल्में, आंखें खोल देने वाले एनिमेटेड वीडियो, गांव-ढाणियों तक संदेश पहुंचाने वाली आईईसी (IEC) प्रचार सामग्री, गुणात्मक प्रोसेस डॉक्यूमेंटेशन, फील्ड ट्रेनिंग मैनुअल्स, आधुनिक वेबसाइट डेवलपमेंट और डिजिटल मार्केटिंग अभियानों के जरिए देश के कोने-कोने में बदलाव की मशाल जला रही है।संभल से निकली इस सोच पर आज दुनिया भर की दिग्गज संस्थाएं ऐतबार कर रही हैं। ब्रिज कम्युनिकेशंस के क्लाइंट्स की फेहरिस्त में संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM Nepal), वाटरएड (WaterAid), जाइपाइगो (Jhpiego USA), थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन (UK), फैमिली हेल्थ इंटरनेशनल (FHI 360), तेरे देस होम्स (Tdh) और अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं शामिल हैं। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर वाटर फॉर पीपल इंडिया, वेदांता ग्रुप, एडुनेट फाउंडेशन, गुजरात महिला हाउसिंग ट्रस्ट, ममता-HIMC, एक्शन फॉर फूड प्रोडक्शन (AFPRO) और सेंटर फॉर कैटालाइजिंग चेंज जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर टीम ने दर्जनों ऐतिहासिक परियोजनाओं को मुकाम तक पहुंचाया है।वैश्विक फलक पर नाम कमाने के बाद भी गौहर आसिफ अपनी गृहभूमि संभल के किसानों के दर्द को नहीं भूले। इसी कड़ी में ब्रिज कम्युनिकेशंस की सोशल विंग पिछले एक साल से ‘संभल एग्रीटेक फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’ (Sambhal Agritech Farmers Producer Company Limited) के साथ मिलकर कृषि क्षेत्र में जमीनी स्तर पर सक्रियता से काम कर रही है। अन्नदाताओं की खुशहाली के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए संस्था जल्द ही संभल में एक अत्याधुनिक ‘एग्रीकल्चरल इनपुट सेंटर’ शुरू करने जा रही है। यह सेंटर क्षेत्र के किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले खाद, बीज और कीटनाशकों की जरूरतों को एक ही छत के नीचे सुलभ कराएगा, साथ ही उन्हें वैज्ञानिक व आधुनिक खेती से जुड़े विशेषज्ञ परामर्श देकर उनकी पैदावार और आमदनी बढ़ाने में मददगार साबित होगा।
समारोह के भावुक पलों में गौहर आसिफ ने अपनी इस यात्रा को याद करते हुए एक नया और बड़ा ऐलान भी किया। उन्होंने बताया कि ब्रिज कम्युनिकेशंस अब अपनी सीमाओं का विस्तार करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम रख रही है, जिसकी औपचारिक शुरुआत नेपाल ऑपरेशंस से होने जा रही है। ‘टाई-डू मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड’ के साथ रणनीतिक साझेदारी से अब भारत के जमीनी मुद्दों और रचनात्मक अभियानों को वैश्विक मंचों पर नई बुलंदी मिलेगी। अपनी माटी के किसानों की फिक्र और सरहदों के पार अंतरराष्ट्रीय उड़ान भरते संभल के इस सपूत की यह कामयाबी आज जिले के हर उस नौजवान के लिए एक मिसाल बन गई है, जो अपने हुनर और नेक नीयत से दुनिया बदलने का ख्वाब देखता है।
(सम्भल से लल्ला सलमानी की रिपोर्ट)


