मेरा दावा है मुसलमान नहीं हो सकता…….मुशायरा संपन्न।
कुन्दरकी के जैतपुर मे मुशायरा संपन्न।

कुन्दरकी।
नगर के समीपवर्ती गांव जैतपुर पट्टी में गुरूवार की देर रात को ऑल इंडिया मुशायरा /कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन फीता काट कर विधायक प्रतिनिधि ब्रजानंद उर्फ विक्की ठाकुर ने किया।
समा रौशन समाजसेवी हसमत रज़ा उस्मानी ने की । मुशायरे के आयोजक एम.के.भारती सैफ़ी ने विधायक प्रतिनिधि विक्की ठाकुर, समाजसेवी हसमत रज़ा उस्मानी, इरफ़ान नेता जी, थाना प्रभारी हम्बीर सिंह जादौन,नफीसुल हसन फौजी, दिलशाद सैफ़ी, आरिफ पाशा, अजहर अब्बास नकवी एडवोकेट,कमर दानिश रिज़वी, रियासत खांन , मुजम्मिल खांन का बेज लगाकर और शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। देशभर के दो दर्जन से ज़्यादा शायर कन्वीनर आकिल जैतपुरी के बुलावे पर हाज़िर हुए। ऐतिहासिक ऑल इंडिया मुशायरा/कवि सम्मेलन का आगाज़ नात पढ़कर अमजद आतिश खतौलवी ने किया ।
अलीम वाजिद रुड़की ने कहा
जिसके सीने में ना हो अपने वतन की उल्फत,
मेरा दावा है मुसलमान नहीं हो सकता..
इंत्तखाब संभली ने कहा
फिर खूब हंसना ऐब किसी के निकालकर,
बस एक निगाह देख ले खुद पर भी डाल कर..
साहिल माधोपुरी ने कहा
अगर सच्ची लगन ज़ाहिद तेरे सजदे में आ जाये,
कोई मुश्किल नहीं दुनिया तेरे हुजरे में आ जाये,
मज़ाहिया शायर
सिकंदर हयात गड़बड़ ने कहा
ख़ुदा के फ़ज़ल से बीबी मिली है डेढ़ कुंटल की,
वो ज़ब बांहों में लेती है हमारा दम निकलता है,,
मुजीब सिकरोड़वी ने
कहा
हालात मेरे मुझको जीने नहीं देते हैं,
एक ज़ाम मोहब्बत का पीने नहीं देते हैं,,
समर मंगलौरी ने कहा
तुम्हारे हुस्न को लिखेगा कौन मेरी तरह,
तुम्हारी ज़ुल्फ़े कौन संवारेगा कौन मेरी तरह,,
हकीम बुरहान ने कहा
हर एक अहले दिल की ज़रूरत है तू
ए भारत बहुत खूबसूरत है तू,,
अफ़रोज टांडवी ने कहा
तन्हाईयों को अपनी आबाद कर रहा हूँ,
तेरी याद आ रही है तुझे याद कर रहा हूँ,,
शायरा तरन्नुम निशात ने कहा
ना रो रो कर ना अब घुट घुट के मरना चाहती हूं मैं,
जमाने में बहुत कुछ कर गुजरना चाहती हूं में,,
इनके अलावा शायरा जीनत मुरादाबादी, शायर शमशाद अली नगरी, शायरा मुस्कान सिरसवीं, शायर रज़ा खतौलवी, शायर जुनैद जुगनू, शायर अमजद आतिश खतौलवी, इन्तेखाब संभली डॉ. निशा नवल लखनऊ, फरीद बिसोलवी, शायर नाज़िम कुंदरकीवी, शायर इकरार इमरतपुरी आमिर बिसौलवी ने भी अपने कलाम पेश करके वाहवाही लूटी।
इस मुशायरे की निज़ामत गैबी जौनपुरी ने की। इस मौके पर , रियासत खांन,मुजम्मिल खांन,शाहिद अंसारी, माजिद अंसारी, तौफीक मलिक, मुख़्तार सैफ़ी,सरफराज अंसारी,उदय सैनी,शाहिद मियां,रहीस मलिक आदि मौजूद रहे। इस मुशायरे के कन्वीनर मशहूर शायर आकिल जैतपुरी रहे । कार्यक्रम के आखिर में मुशायरा के आयोजक एम.के. भारती सैफ़ी,एम.के.भारती सैफ़ी ने सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया ।


