दबतोरी । कोतवाली बिसौली क्षेत्र से जुड़े आधा दर्जन गांव कई वर्षों से देश में हवाला कारोबार के लिए बदनाम हो चुके हैं और इस कारोबार से जुड़कर काफी लोग लखपति से सीधे करोड़ पति और अरबपति चंद दिनों में बन चुके हैं । ऐसे कारोबारियों के पास देश के अलग अलग प्रांत और शहरों में अकूत संपत्ति अर्जित कर आलीशान कोठियों भी बना ली है इसके अलावा चंदौसी और बरेली शहर में अपना रहने का ठिकाना और व्यापार के प्रतिष्ठान भी खोल दिए हैं। दर्जनों युवाओं पर धोखाधड़ी एवं अन्य मामले दर्ज हो चुके हैं जिसमें जेल भी जा चुके हैं और जमानत पर रिहा होकर इस धंधे में फिर लिप्त हो चुके हैं । ग्रामीण सूत्रों की मानें तो इस धंधे में किशोरियों को भी शामिल किया गया है और भोले,बाले लोगों को कमिशन का लालच देकर बैंकों में खाते खुलवाकर करोड़ों का लेन-देन किया गया। इस धंधे से जुड़े लोग अधिकांश नाइजीरियाई लोगों के संपर्क में रहकर हवाला और ठगी के धंधे को अपना अंजाम बखूबी देकर बारे न्यारे कर रहे हैं । दबतोरी क्षेत्र के संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर, दबतोरा, पपंगाव, धनूपुरा जैसे गांव इस कारोबार के लिए बदनाम है और दबतोरा, संग्रामपुर , धनूपुरा के युवा इस कारोबार में बढ़े पैमाने पर जुड़े हुए हैं और अमीरों में सुमार हो चुके हैं इसके अलावा उन्होंने राजनैतिक लोगों से भी अपनी अच्छी पैठ बना रखी है । देश की सुरक्षा एजेंसियों को थता देकर इस कारोबार को अंजाम देकर युवा खिलबाड कर रहे हैं और स्थानीय पुलिस प्रशासन राजनैतिक दबाव के चलते इस धंधे से जुड़े लोगों की जांच करना भी उचित नहीं समझती । क्षेत्र के सैकड़ों युवा इस कारोबार में लिप्त बताए जा रहे हैं यदि निष्पक्ष जांच की जाए तो बहुत बढा नेटवर्क सुरक्षा एजेंसियों के हांथ लगेगा ।
दबतोरा गांव से दाऊद इब्राहिम का रहा है कनेक्शन
दबतोरी । क्षेत्र के गांव दबतोरा निबासी शेरखान का 1880 से 1995 तक दौर दबंग का रहा है और उन्होंने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में अपना ठिकाना बनाकर एक गिरोह के सरगना बनकर अपराध की दुनिया में कदम रखा है और उनका रिकॉर्ड भी पुलिस के अभिलेखों में दर्ज हुआ । ग्रामीण सूत्रों की मानें तो शेरखान का गांव में एक घटना घटित हुई जिसमें उसकी 2000 बर्ष पूर्व में उसकी मौत हो गई । शेरखान का दाऊद इब्राहिम के भाई साविर से उनका पारिवारिक रिश्ता बताया जाता है और एक दूसरे के परिवार में लोग जाते आते रहते थे । दाऊद इब्राहिम ने भी शेरखान की शरण में रहकर अपराध की दुनिया में क़दम रखा जो आज भारत देश का मोस्ट वांटेड अपराधी घोषित है और उसकी धरपकड़ के लिए देश की एजेंसियों के अलावा अन्तर्राष्ट्रीय एजेंसियों की रडार पर है । मृतक शेरखान के 6 बेटे बताए जाते हैं जो सभी मुम्बई में रहकर कारोबार करते हैं और सभी ने अपना देश की आर्थिक राजधानी में रहने का ठिकाना बना रखा है । यदि देश की एजेंसी इस मामले की जांच करें तो दाऊद इब्राहिम के परिवार के रिश्ते का कनेक्शन का पूरा मामला उजागर हो सकता है।
हवाला कारोबार से जुड़े लोग राजनैतिक लोगों के संपर्क में, चुनाव लडने की कर रहे तैयारी
दबतोरी । चंद दिनों में हवाला कारोबार के जरिए अमीर बने लोग राजनैतिक लोगों के संपर्क में हैं और क्षेत्र में चुनाव लडने की तैयारी में जुटे हैं। राजनैतिक लोगों के संपर्क में होने के कारण स्थानीय पुलिस प्रशासन में इनकी पैठ बनी हुई है और कार्रवाई से पूरी तरह बचे हुए हैं । जो निष्पक्ष पुलिस अधिकारी इस धंधे से जुड़े लोगों की जांच व कार्यवाही करने के लिए आगे बढ़ता है उससे पहले उसका स्थानांतरण राजनीतिक लोग करा देते हैं जिससे इस धंधे से जुड़े लोग कार्रवाई से बचने में सफल रहते हैं । हाल ही में तत्कालीन चौकी इंचार्ज दबतोरी जितेन्द्र सिंह यादव को इस गांव से जुड़े लोगों की गाड़ियों का चालान करना महंगा पड़ा और दो सप्ताह में ही उनका लाइन में स्थानांतरित करा दिया गया। संग्रामपुर गांव के एक किसान की एक एकड़ बेशकीमती जमीन को लेकर दो हवाला कारोबार से जुड़े लोग गुटों में बट चुके हैं और मारपीट की घटनाएं भी घटित हुई है । इसके अलावा एक धोखाधड़ी और दो मारपीट के मुकदमे में लगभग आधा दर्जन से अधिक लोग जद में आ चुके हैं। पुलिस पूरे मामले पर पैनी नजर रख रही हैं उधर दो दिन पहले एस ओ जी की टीम ने संग्रामपुर के चार लोग हिरासत में ले लिए हैं और सीओ बिसौली अंशुमन श्रीवास्तव के नेतृत्व में बीती रात दविश की कार्रवाई से हवाला कारोबारियों में खलबली मच गई है । पुलिस से बचने के लिए राजनैतिक लोगों के संपर्क में हवाला से जुड़े लोग पहुंच चुके हैं।


