महर्षि दयानंद ने सनातन वैदिक धर्म का शुद्ध रूप प्रस्तुत किया,,बाबा रामदेव
बबराला से अनिरुद्ध भारद्वाज की रिपोर्ट

सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश,धर्म की छवि को नुकसान
बबराला नगर के बाबूराम सिंह भाय सिंह डिग्री कॉलेज मैदान में प्रांतीय आर्य महासम्मेलन में योग गुरु बाबा रामदेव ने सनातन धर्म में ढोंग, पाखंड और अंधविश्वास फैलाकर उसको खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग भगवान राम, कृष्ण, हनुमान और शिव का रूप धारण करके सनातन धर्म को बदनाम कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोग शास्त्रों और तीर्थों के नाम पर भी धर्म की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
बाबा रामदेव ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज के माध्यम से सनातन वैदिक धर्म का शुद्ध स्वरूप प्रस्तुत किया। उन्होंने एक ईश्वर की उपासना, कर्म को धर्म मानने, माता-पिता और बड़ों का सम्मान करने तथा समाज से जात-पात, ऊंच-नीच और भेदभाव खत्म करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश को लूट, फूट, झूठ, पाखंड और अंधविश्वास से मुक्त कर सनातन धर्म को विश्व में श्रेष्ठ स्वरूप में स्थापित करना चाहिए। उन्होंने आर्य समाज की शिक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में 5 हजार से अधिक आर्य समाज और 500 से ज्यादा स्कूल व इंटर कॉलेज हैं। इन संस्थानों में गुरुकुल परंपरा के अनुरूप शिक्षा से बच्चों का बौद्धिक और नैतिक विकास होगा। इस कार्य के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार भी जताया।
उन्होंने कहा कि भारत गरीब देश कभी नहीं रहा।इसे आक्रांताओं ने लूटा।लेकिन फिर भी भारत आर्थिक रूप से मजबूत है।आजादी से पूर्व रुपये की कीमत डॉलर से अधिक थी। मातृशक्ति का योगदान महत्वपूर्ण है।हमारे वेद सर्वश्रेष्ठ हैं। हम मोबाइल व गाड़ियां विदेशी चला रहे हैं जबकि हमें स्वदेशी को अपनाना चाहिए।शरीर के खराब होने का कारण हमारा खान-पान है।इसको हमें सही करना चाहिए।गरीब मुसलमान भी 6% जकात करता है जो मस्जिद मदरसे आदि में लगते हैं जबकि हिंदू 10% भी ऐसा नहीं करते। पतंजलि योगपीठ 500 करोड़ सालाना गौशाला,गुरुकुल आदि को देता है।इस दौरान पूर्व मंत्री अजीत कुमार उर्फ राजू यादव पूर्व मंत्री डीपी यादव पूर्व मंत्री प्रदीप कुमार उर्फ गुड्डू यादव स्वामी स्वदेश,राजेश यादव, दयाशंकर आर्य, दिव्य प्रकाश यादव, सुमित यादव, अमित यादव, रामू यादव, वेद बसु आर्य, ज्योति बसु ,राष्ट्र बसु अमरीश यादव आदि उपस्थित रहे।
अनिरुद्ध भारद्वाज बबराला की रिपोर्ट




