भाकियू (चढूनी) का अनिश्चितकालीन धरना 22वें दिन भी जारी, प्रशासनिक उपेक्षा से किसानों में आक्रोश।
बिसौली से शिशुपाल सागर की रिपोर्ट

बदायूँ – भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के बैनर तले और जिला अध्यक्ष सतीश साहू के नेतृत्व में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आज 22वें दिन भी लगातार जारी रहा। गत 9 अक्टूबर से शुरू हुए इस आंदोलन के तीन सप्ताह से अधिक बीत जाने के बाद भी किसी प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर न पहुंचने से कार्यकर्ताओं, किसानों और स्थानीय नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है। सरकारी नाले की पैमाइश और खाते की जांच की मांग धरने की अगुवाई कर रहे सदर तहसील अध्यक्ष दिलशाद हुसैन ने बताया कि बदायूं शहर में डॉ. शरीक जनाब द्वारा आम रास्ते और नाले को बंद कर दीवार बनाई जा रही है, जिससे सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की स्थिति उत्पन्न हो गई है। संगठन की प्रमुख मांग है कि इस नाले के सरकारी खाते की गहन निष्पक्ष जांच की जाए और राजस्व टीम भेजकर मौके पर पक्की पैमाइश कराई जाए। नाला बंद होने से मोहल्लेवासियों का आवागमन प्रभावित हो रहा है और आने वाले समय में जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है। ग्राम जनुइया में जमीन के बैनामे में धांधली का आरोप आंदोलनकारियों ने सदर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत बुटला दौलत के मजरा जनुइया से जुड़ा एक अन्य मामला भी उठाया है। आरोप है कि प्रेमवती व भगवान दास ने रामदुलार आदि से जमीन खरीद का इकरारनामा किया था। मामला न्यायालय में विचारधीन होने के बावजूद फर्जीवाड़े के जरिए उक्त जमीन का बैनामा गजराज के नाम कर दिया गया। संगठन ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पीड़ितों को हक दिलाने की मांग की है। जिला मुख्यालय के घेराव की चेतावनी भाकियू (चढूनी) के जिला प्रवक्ता राशिद अब्बासी ने प्रशासनिक मौन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अधिकारी पूरी तरह संवेदनहीन बने हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सरकारी नाले की पैमाइश और भूमि फर्जीवाड़े की जांच के लिखित आदेश जारी नहीं किए गए, तो किसान यूनियन जिला मुख्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। धरना स्थल पर संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और भारी संख्या में किसान व स्थानीय उपस्थित रहे। भगवान दास, राशिद अब्बासी, बीयीशुदास, यादवेंद्र यादव, शरीफ अब्बासी, महेंद्र पाल, ओमकार शाक्य, छत्रपाल, रामवीर, दिलशाद हुसैन, प्रेमवती, दीनदयाल पटेल, कल्लू जाटव, सहित दर्जनभर रहे मौजूद।


