मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा, वैकल्पिक केंद्रों के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराने के निर्देश!
सम्भल से लल्ला सलमानी की रिपोर्ट

सम्भल जिला में वी-पैक्स की हड़ताल के कारण किसानों को उर्वरक की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट की अध्यक्षता में आज बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिला कृषि अधिकारी प्रबोध कुमार मिश्रा ने मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया कि जनपद में उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। लगभग जनपद में N P k 14,000 MT उपलब्ध है डी ए पी रैक भी लग रही है कृषक T S P के साथ यूरिया मिला कर डी ए पी जैसा प्रयोग कर सकते हैं। वी-पैक्स के हड़ताल पर रहने की स्थिति में भी किसानों को खाद की आपूर्ति एवं वितरण प्रभावित न हो, इसके लिए एग्री जंक्शन, सहकारिता के अन्य संस्थानों, आईएफएफडीसी, एफएससी, इफको एवं पीसीएफ सहित अन्य संबंधित संस्थाओं के माध्यम से उर्वरक वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है इन संस्थानो को उर्वरक भी आवंटित किया जा चुका है जनपद में प्रत्येक दशा में उर्वरक का उपलब्धता और वितरण होता रहेगा ।
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के समानांतर वैकल्पिक वितरण व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए, ताकि किसानों को खाद प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में उर्वरक की उपलब्धता, केंद्रों पर वितरण व्यवस्था तथा संबंधित संस्थाओं को आवंटित एवं पुनः आवंटित उर्वरक के उठान की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने सहायक निबंधक, सहकारिता को निर्देशित किया कि उर्वरक वितरण करने वाले केंद्रों को आवश्यकतानुसार शीघ्र उर्वरक आवंटित कराकर उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, संबंधित अधिकारियों एवं क्षेत्रीय कर्मचारियों को वितरण व्यवस्था की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए, जिससे किसानों को समय से खाद मिल सके।
बैठक में उप निदेशक कृषि अरुण कुमार त्रिपाठी, जिला कृषि अधिकारी प्रबोध कुमार मिश्रा, सहायक निबंधक, सहकारिता ज्ञान प्रकाश सिंह तथा एग्री जंक्शन, आईएफएफडीसी, सहकारिता, इफको, पीसीएफ एवं अन्य संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

