नूरपुर पिनौनी के दानदाताओं ने विकलांग आश्रम पहुंचकर कराया दिव्यांग बच्चों को भोजन, मानव सेवा का दिया संदेश
वजीरगंज से सर्वेश उपाध्याय की रिपोर्ट
वजीरगंज, बदायूं। मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए नूरपुर पिनौनी के समाजसेवियों एवं दानदाताओं ने वजीरगंज कस्बे में स्थित विकलांग आश्रम पहुंचकर दिव्यांग बच्चों को भोजन कराकर सेवा और समर्पण का संदेश दिया। इस दौरान दानदाताओं ने बच्चों के साथ समय बिताया और उनके चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास किया।
कार्यक्रम में समाजसेवी सौरभ दीक्षित, दीपु गुप्ता, प्रमोद फौजी एवं कुलदीप यादव सहित अन्य सहयोगियों ने आश्रम पहुंचकर सेवा कार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। सभी ने दिव्यांग बच्चों को भोजन कराया और समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद करने का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर सौरभ दीक्षित, दीपु गुप्ता, प्रमोद फौजी और कुलदीप यादव ने कहा कि उनकी टीम समय-समय पर गौशाला और मानव सेवा से जुड़े कार्य करती रहती है। उन्होंने कहा कि अपने लिए तो हर व्यक्ति बहुत कुछ करता है, लेकिन दूसरों के चेहरे पर खुशी लाने और जरूरतमंदों की मदद करने से जो आत्मिक संतुष्टि मिलती है, वह अनमोल है। मानव सेवा और गौसेवा करने से मन को बहुत अच्छा लगता है।
उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे लोगों की मदद करना हम सभी की जिम्मेदारी है, जिन्हें सहारे और सहयोग की आवश्यकता है। उनकी टीम आगे भी इसी प्रकार सेवा कार्य करती रहेगी और जरूरतमंदों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहेगी।
विकलांग आश्रम में आयोजित इस सेवा कार्यक्रम से सामाजिक सहयोग, मानवीय संवेदना और परोपकार की भावना का संदेश मिला। दानदाताओं ने कहा कि समाज के सक्षम लोगों को भी आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए, ताकि सेवा और सहयोग की भावना समाज में निरंतर बनी रहे।
मानवता और सेवा भाव से ओतप्रोत इस पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।


