बदायूं सपा जिलाध्यक्ष समेत कई नेताओं को बड़ी राहत, सरकार की अपील खारिज, एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला बरकरार
सहसवान से काशिफ अली खान की रिपोर्ट
संवाददाता काशिफ अली खान
बदायूं बहुचर्चित मामले में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष और अन्य प्रमुख नेताओं को बड़ी राहत मिली है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-6/ स्पेशल जज (गैंगस्टर) बदायूं ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दायर अपील को खारिज करते हुए सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/एमपी-एमएलए कोर्ट के उस निर्णय को पूरी तरह बरकरार रखा है, जिसमें सभी आरोपियों को बरी किया गया था। वरिष्ठ अधिवक्ता रोशन यासीन उर्फ गुड्डू की प्रभावी और ठोस कानूनी पैरवी के चलते यह सफलता मिली है। तत्कालीन उपजिलाधिकारी ज्योति शर्मा द्वारा थाना सिविल लाइन में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष आशीष यादव, विधायक हिमांशु यादव, विधायक आशुतोष मौर्य, काजी रिजवान, कैप्टन अर्जुन सिंह तथा रचित गुप्ता के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 341, 352, 353 एवं 504 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस प्रकरण का विचारण एमपी-एमएलए कोर्ट बदायूं में हुआ, जहां साक्ष्यों एवं पक्षकारों की दलीलों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने सभी आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया था। इस निर्णय के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकार ने सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी।
अपील की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता रोशन यासीन उर्फ गुड्डू ने आरोपियों की ओर से प्रभावी एवं ठोस कानूनी तर्क प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत एडीजे-6/स्पेशल जज (गैंगस्टर), बदायूं ने सरकार की अपील को निरस्त करते हुए निचली अदालत के निर्णय को यथावत बनाए रखा। इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद अधिवक्ताओं और शुभचिंतकों ने अधिवक्ता रोशन यासीन उर्फ गुड्डू की सफल पैरवी की सराहना की तथा इसे न्यायिक प्रक्रिया में तथ्यों और कानून की विजय बताते हुए न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया है।


