झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से 12 वर्षीय बालक की मौत, परिवार में मचा कोहराम
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, मामले की जांच शुरू
संवाददाता हुकुम सिंह दातागंज
दातागंज ( बदायूं) जनपद के हजरतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बक्सेना में एक झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के दौरान 12 वर्षीय बालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से परिवार में कोहराम मच गया। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बक्सेना निवासी रामदास का 12 वर्षीय पुत्र नन्हे पिछले कुछ समय से बीमार था। परिजनों ने उसे उपचार के लिए क्षेत्र में संचालित एक झोलाछाप डॉक्टर के पास दिखाया। आरोप है कि डॉक्टर द्वारा इलाज किए जाने के दौरान बालक की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। परिजन उसे किसी बड़े अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इससे पहले ही बालक ने दम तोड़ दिया।
बालक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना की जानकारी गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने भी झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
सूचना मिलने पर हजरतपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि गलत उपचार और लापरवाही के कारण उनके बेटे की जान गई है। उन्होंने दोषी झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या अवैध चिकित्सकीय गतिविधि सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बड़ी संख्या में झोलाछाप डॉक्टर बिना किसी मान्यता और चिकित्सकीय योग्यता के इलाज कर रहे हैं। ऐसे मामलों में कई बार मरीजों की जान पर बन आती है। बक्सेना की यह घटना एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से क्षेत्र में संचालित अवैध क्लीनिकों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


