स्कूली बच्चों की सुरक्षा हेतु परिवहन विभाग का कड़ा कदम,14 से 19 सितंबर तक चलाया जा रहा है 06 दिवसीय विशेष अभियान ‘मिशन सेफ फ्यूचर 3.0
आसफपुर से दानवीर सिंह की रिपोर्ट
बदायूँ – जिलाधिकारी अवनीश राय के निर्देशानुसार स्कूली बच्चों के सुरक्षित व सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के पत्रांक 1485/इन्फ़/2026-29 इन्फ़/2019 (11), दिनांक 11.09.2026 के अनुपालन में प्रदेश भर में आज 14 सितंबर से 19 सितंबर, 2026 तक 6 दिवसीय विशेष अभियान ‘मिशन सेफ फ्यूचर 3.0’ संचालित किया जा रहा है।
इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली, 1998 के नियम 222-छ के अंतर्गत विद्यालय स्तर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में ‘विद्यालय परिवहन सुरक्षा समितियों’ का अनिवार्य रूप से गठन कराना तथा उनकी नियमित बैठकें सुनिश्चित करना है। इस समिति में संबंधित तहसील के नायब तहसीलदार, थानाध्यक्ष, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं उपखण्ड निरीक्षक पदेन सदस्य के रूप में सम्मिलित हैं। यह समिति प्रत्येक वर्ष जुलाई, अक्टूबर, जनवरी एवं अप्रैल माह में अनिवार्य रूप से बैठकें आयोजित करेगी। उच्च न्यायालय के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन अनिवार्यः
उत्तर प्रदेश मोटर यान (26वां संशोधन) नियमावली, 2019 के नियम 222-ठ (Rule 222-L) के उप-नियम (त) के अंतर्गत माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए कड़े दिशा-निर्देशों के क्रम में विद्यालय प्रबंधनों को निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं:
1. **परिचर (अटेंडेंट) की अनिवार्य तैनाती**प्रत्येक स्कूल वाहन में चालक के अतिरिक्त अनिवार्य रूप से एक परिचर (Attendant) की उपस्थिति रहेगी, जिससे छात्र-छात्राएं सुरक्षित रूप से वाहन में चढ़ व उतर सकें।
2. **छात्राओं के वाहनों में महिला परिचर अनिवार्य**यदि किसी स्कूल वाहन में छात्राएं (Girl Children) यात्रा कर रही हैं. तो उसमें परिचर का अनन्य रूप से महिला परिचर (Female Attendant) होना अनिवार्य है।
3.**शिक्षक की सह-यात्रा** उक्त बस/वाहन में बच्चों की सुरक्षा व अनुशासन के दृष्टिगत अनिवार्य रूप से एक अध्यापक भी बच्चों के साथ यात्रा करेंगे।
4.**चालकों का शत-प्रतिशत पुलिस चरित्र सत्यापन* स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी विद्यालय प्रबंधन अपने स्वामित्व अथवा अनुबंधित समस्त वाहनों के चालकों का स्थानीय पुलिस के माध्यम से शत-प्रतिशत चरित्र सत्यापन (Police Verification) अनिवार्य रूप से कराएंगे। बिना सत्यापित चरित्र वाले किसी भी चालक को वाहन संचालन की अनुमति कदापि नहीं दी जाएगी।
अभियान अवधि (14 से 19 सितंबर) के दौरान परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों द्वारा जनपद के विभिन्न मार्गों एवं विद्यालयों पर सघन चेकिंग की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले अथवा बिना फिटनेस/अवैध रूप से संचालित स्कूली वाहनों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान, सीज एवं विधिक दंडात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।



